इस बार भीषण गर्मी पड़ने और खतरनाक लू चलने की आशंका मौसम विभाग ने जता दी है. ऐसे में सेहत को लेकर हर किसी को अलर्ट रहना चाहिए. किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.

हीटस्ट्रोक क्या है?

हीटस्ट्रोक एक जानलेवा स्थिति है जो आपके शरीर को ज़रूरत से ज़्यादा गर्म कर देती है। इसे 104 डिग्री फ़ारेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) से ज़्यादा शरीर के तापमान के रूप में परिभाषित किया जाता है। हीटस्ट्रोक, जिसे सनस्ट्रोक भी कहा जाता है, हाइपोथर्मिया या गर्मी से संबंधित बीमारी का सबसे गंभीर रूप है। हीटस्ट्रोक से मस्तिष्क क्षति, अंग विफलता या मृत्यु हो सकती है ।

हीटस्ट्रोक कैसे होता है?

हीटस्ट्रोक किसी को भी हो सकता है। लेकिन शिशुओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से उच्च जोखिम होता है क्योंकि उनका शरीर तापमान को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हो सकता है। एथलीट, सैनिक और ऐसे लोग जो गर्म वातावरण में शारीरिक श्रम की आवश्यकता वाले व्यवसायों में काम करते हैं, वे भी हीटस्ट्रोक के प्रति संवेदनशील होते हैं।

अन्य कारक जो हीटस्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं, उनमें शामिल हैं:

  • कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ होना, जैसे कि नींद विकार या हृदय, फेफड़े, गुर्दे, यकृत, थायरॉयड या रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएँ।
  • भारी या तंग कपड़े पहनना, जैसे सुरक्षात्मक गियर।
  • तेज़ बुखार होना ।
  • मोटापा होना .
  • हीटस्ट्रोक का पिछला इतिहास.
  • खराब शारीरिक स्थिति या गर्म परिस्थितियों का अभ्यस्त न होना

तापघात (हीटस्ट्रोक) का क्या कारण है?

हीटस्ट्रोक तब होता है जब आपका शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। आपका हाइपोथैलेमस (आपके मस्तिष्क का एक हिस्सा जो कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है) आपके शरीर के मुख्य तापमान को निर्धारित करता है। यह आमतौर पर आपके तापमान को लगभग 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) पर सेट करता है। लेकिन अगर आपका शरीर जितना गर्मी छोड़ता है, उससे ज़्यादा गर्मी लेता है, तो आपका आंतरिक तापमान इस निर्धारित बिंदु से ऊपर चला जाता है।

हीटस्ट्रोक से कैसे बच सकता हूँ?

अधिकांश मामलों में, हीटस्ट्रोक को निम्नलिखित तरीकों से रोका जा सकता है:

  • गर्म, आर्द्र परिस्थितियों में कठिन शारीरिक गतिविधि से बचना।
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक, हल्का नमकीन पानी या शोरबा पीना।
  • यदि आपको काम या खेल के लिए गर्म परिस्थितियों में रहना पड़े तो धीरे-धीरे अपने शरीर को कई सप्ताह तक गर्म तापमान के अनुकूल होने दें।
  • बच्चों (या पालतू जानवरों) को कभी भी बंद, गर्म स्थानों जैसे कार में न छोड़ें।
  • गर्म लहरों के दौरान वातानुकूलित या हवादार क्षेत्रों में रहना।
  • यदि आप गर्मी में बाहर जा रहे हैं तो हल्के, हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनें।

लू लगने पर क्या खाएं?- What to Eat or Drink in Heat Stroke

1. नारियल पानी

नारियल पानी विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होता है। नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। आपको गर्मियों में नारियल पानी जरूर पीना चाहिए। लू लगने पर नारियल पानी पीना फायदेमंद होता है। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और बेचैनी भी दूर होती है। आप रोज सुबह खाली पेट नारियल पानी पी सकते हैं। 

2. नींबू पानी

लू लगने पर आपको नींबू पानी का सेवन जरूर करना चाहिए। नींबू पानी पीने से शरीर को एनर्जी मिलती है। इससे ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है। इसके लिए आप एक गिलास पानी लें। इसमें नींबू का रस मिलाएं और काला नमक डालें। अब आप इस पानी को पी लें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

3. ORS घोल

लू लगने पर आप ओआरएस घोल पी सकते हैं। लू लगने या ब्लड प्रेशर कम रहने पर डॉक्टर भी ओआरएस घोल पी सकते हैं। इस घोल को पीने से शरीर से पानी की कमी दूर होती है। अगर आप रोज ओआरएस घोल पिएंगे, तो इससे शरीर को कई लाभ मिलते हैं। 

4. बेल का शरबत

गर्मियों में लू लगने पर बेल का शरबत पी सकते हैं। बेल की तासीर ठंडी होती है। अगर आप गर्मियों में बेल का शरबत पिएंगे, इससे शरीर को ठंडक मिलेगी। आप बेल का शरबत घर पर बना सकते हैं। बेल का शरबत स्वादिष्ट होने के साथ ही पौष्टिक भी होता है। गर्मियों में आपको बेल का शरबत जरूर पीना चाहिए। बेल का शरबत पीने से शरीर आपकी बेचैनी और घबराहट भी ठीक हो सकती है।

5. धनिया पुदीने का पानी

गर्मियों में धनिया औप पुदीने का पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके लिए एक बोतल पानी लें। इसमें धनिया और पुदीने के पत्ते डालें। अब इन्हें अच्छी तरह से उबाल लें। फिर छानकर इस पानी को पी लें। इससे आपको रोज सुबह खाली पेट पी सकते हैं

लू से बचने के लिए क्या करें :-

Heat Wave: इस बार शुरुआत में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) इसे लेकर पहले ही आगाह कर चुका है. बताया गया है कि इस बार अप्रैल से लेकर जून तक भयंकर गर्मी पड़ने वाली है. देश के कई हिस्सों में गर्म लू चलने का आशंका है. कई हिस्सों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो सकता है. ऐसे में लू (Heat Wave ) से बचाव पर ध्यान देना चाहिए. वरना लू लगने से बीमार भी पड़ सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं हीट वेव से बचने के कारगर टिप्स..

1. खुद को हाइड्रेटेड रखें

गर्मी के दौरान लू चलने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे. इस मौसम में कम से कम 8-10 ग्लास पानी हर दिन पीने की कोशिश करें. फल और सब्जियां अपनी डाइट में भरपूर शामिल करें.

2. बाहर जाना अवॉयड करें

हीट वेव से बचना है तो बिना जरूरी घर बाहर जाना अवॉयड करें. घर के अंदर फैन, कूलर, एसी में रहें. अगर ये चीजें घर में नहीं हैं तो पर्दे या शेड्स लगाकर रहें. इससे आप लू के गंभीर खतरों से बच सकते हैं.

3. सूरज की किरणों से बचने की कोशिश करें

जब भी लू चले तो सीधे तौर पर सूर्य की रोशनी में न आएं. अगर किसी वजह से बाहर जा भी रहे हैं तो टोपी, गमछा, चश्मा का इस्तेमाल करना न भूलें. लाइट कलर के ढीले कपड़े ही पहनें, जिससे स्किन प्रोटेक्ट हो सके और हीट वेव ऑब्जर्व न हो.

4. ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से बचें

गर्मी और लू के दौरान ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने से बचने की कोशिश करें. क्योंकि गर्मी के मौसम में ज्यादा वर्कआउट करने से बॉडी का टेंपरेचर बढ़ सकता है. इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.

5. खाली पेट बाहर जाने से बचें

अगर बाहर लू तेज चल रही है तो कभी भी गलती से भी खाली पेट घर से न निकलें. ऐसा करने पर गर्मी और धूप से चक्कर आ सकता है. इसलिए जब भी घर से बाहर जाएं तो कुछ खाने के बाद ही जाएं. ताकि समस्याओं से बच जाएं.

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